NCERT Hindi Class 10 Chapter 1 Harihar Kaka CBSE Board Sample Problems Short Answer (For CBSE, ICSE, IAS, NET, NRA 2022)

Get unlimited access to the best preparation resource for CBSE/Class-10 : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of CBSE/Class-10.

1 अन्य चीजों की तुलना में ठाकुरबाड़ी के अधिक विकसित होने के क्या कारण थे?

उत्तर - गापव की अन्य चीजों की तुलना में ठाकुरबाड़ी का विकास हजार गुणा अधिक हुआ। इसका मुख्य कारण ठाकुरबाड़ी के प्रति गापववालों के मन में अपार श्रद्धा दी। अधिकांश लोगों का विश्वास था कि अच्छी फसल हुई है तो ठाकुर जी का कृपा से, मुकदमें में उनकी जीत हुई तो ठाकुर जी की वजह से, लड़की की शादी जल्दी हुई तो ठाकुर जी से मनौती मनाई गई, पुत्र हुआ तो ठाकुर जी कृपा से। लोग ठाकुरबाड़ी में रुपये, जैवर तथा अन्न चढ़ाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते थे। ठाकुरबाड़ी के नाम पर 20 बीघे खेत थे और उनके संचालन के लिए समिति भी बनाई गई थी।

2 अनपढ़ होते हए भी हरिहर काका दुनियादारी की बेहतर समझ रखते थे। कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर - अनपढ़ होते हए भी हरिहर काका को जीवन की बेहतर समझ थी। उनके भाई और महंत दोनों ही उनकी जमीन हथियाना चाहते थे। हरिहर काका ने अपने गापव और इलाके के उन लोगों को देखा था जिन्होंने अपनी जायदाद अपने उत्तराधिकारी या अन्य को लिख दी थी। उसके बाद उनका जीवन कुत्ते का जीवन हो गया था। अत: हरिहर काका ने यह निश्चय कर लिया था कि अपने जीते जी वह अपनी जमीन किसी के नाम नहीं लिखेंगे।

3 समाज में रिश्तों की क्या अहमियत रह गई है? ‘हरिहर काका’ पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए कि आप परिवार में किस प्रकार के रिश्तों को उपयुक्त मानते हैं और क्यों?

उत्तर - समाज में रिश्तों का बहुत महत्व होता है। रिश्ते ही सुख: दु: ख में काम आते हैं परन्तु आज रिश्तों की अहमियत कम होती जा रही हैं रिश्तों पर स्वार्थ की भावना हावी होती जा रही है। लालच और स्वार्थ की भावना ने प्रेम, सौहार्द और अपनेपन को समाप्त कर दिया है। मैं परिवार में उन रिश्तों को मानता हूप जिनमें प्रेम और अपनापन हो। सब एक दूसरे का सुख -दु: ख बांटे। परिवार के सदस्यों में स्वार्थ की बजाय त्याग का भाव हो।

4 लेखक के गापव में ठाकुरबाड़ी की स्थापना कब और कैसे हई?

उत्तर- लेखक के गापव में ठाकुरबाड़ी की स्थापना कब हुई इसकी ठीक-ठीक जानकारी किसी को नहीं थी। इस संबंध में एक कहानी प्रचलित थी कि वर्षों पहले कहीं से एक संत आकर इस स्थान पर झोंपड़ी बनाकर रहने लगे थे। वे सुबह-शाम यहाप ठाकुर जी की पूजा करते थे। लोगों से मापग कर खा लेते थे और पूजा-पाठ की भावना जाग्रत करते थे। बाद में लोगों ने चंद एकत्र करके यहाप ठाकुर जी का एक छोटा-सा मंदिर बनवा दिया था।

5 हरिहर काका की पारिवारिक स्थिति पर प्रकाश डालिए।

उत्तर- हरिहर काका ने दो विवाह किये परन्तु उनकी दोनों पत्नियों का देहांत हो गया। उनकी कोई संतान नहीं थी। उनके तीन भाई थे। वे अपने भाइयों के परिवार के साथ रहते थे। भाइयों की पत्नियाप उनका ध्यान नहीं रखती थीं वे उन्हें बचा-कुचा खाना देती थी। बीमारी में भी उन्हें पूछने वाला कोई नहीं था। भरे-पूरे परिवार में भी वे अकेले थे।

Developed by: