NCERT Hindi Class 10 Chapter 2 Sapno Ke-Se Din CBSE Board Sample Problems Short Answer (For CBSE, ICSE, IAS, NET, NRA 2022)

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1 पीटी साहब की ‘शाबाशी’ बच्चों को फ़ौज के तमगों-सी क्यों लगती थी?

उत्तर-पीटी साहब अर्थात मास्टर प्रीतमचंद बहुत सख्त स्वाभाव के थे। उन्हें कभी किसी ने मुस्कुराते हुए नहीं देखा था। स्काउटिंग का अभ्यास करते हुए जब बच्चे कोई गलती न करते तो वे उन्हें शाबाशी देते थे। रोज डांटने-फटकारने वाले अध्यापक के मुंह से ‘शाबाश’ सुनकर बच्चे बहुत प्रसन्न हो जाते थे। उन्हें यह ‘शाबाशी’ फ़ौज के तमगों जैसी लगती थी।

2 हेडमास्टर शर्मा जी ने मास्टर प्रीतमचंद को मुअत्तल क्यों कर दिया था?

उत्तर- मास्टर प्रीतमचंद चौथी कक्षा को फ़ारसी पढ़ाने लगे थे। एक दिन उन्होंने बच्चों को शब्द रूप याद करने को कहा और आदेश दिया कि कल इसी घंटे में सुनेंगे। बच्चे शब्द रूप रट कर नहीं आ पाए। इस पर उन्होंने बच्चों को पीठ ऊपची करके मुर्गा बनने आ आदेश दिया, तो उस समय वहाप हेडमास्टर साहब आ गए। यह दृश्य हेडमास्टर साहब क्रोधित हो उठे और उन्होंने मास्टर प्रीतमचंद को मुअत्तल कर दिया।

3 लेखक छुट्टियों में मिले काम को पूरा करने के लिए क्या-क्या योजनाएप बनाया करता था? काम पूरा न होने पर वह किसकी भांति ‘बहादुर’ बनने की कल्पना करता था?

उत्तर- लेखक छुट्टियों में मिले काम को पूरा करने के लिए तरह-तरह की योजनाएप बनाता था। वह सोचता था कि यदि वह गणित के 10 सवाल रोज हल करेगा तो 20 दिन में पूरे हो जायेंगे। जब छुट्टियाप समाप्त होने लगती तो 15 सवाल रोज हल करने की योजना बनती पर वह भी सफल न हो पाती। अब मास्टर जी की मार का डर सताने लगता। ऐसी कठिन घड़ी में लेखक अपने सहपाठी ‘ओमा’ की तरह बहादुर बनने की कल्पना किया करता जो छुट्टियों का काम करने की बजाय मास्टर जी से पिटना बेहतर समझता था।

4 कोई भी भाषा आपसी व्यवहार में बाधा नहीं बनती-पाठ के किस अंश से सिद्ध होता है?

उत्तर-लेखक बचपन में उन बच्चों के साथ खेला करता था, जिनके माता-पिता राजस्थान और हरियाणा से आकर उनके मोहल्ले में बस गए थे। बच्चे एक दूसरे की भाषा नहीं समझते थे, परन्तु खेलते समय उनकी भाषा उनके आपसी व्यवहार में कभी बाधा नहीं बनी। अत: यह सिद्ध होता है कि कोई भी भाषा आपसी व्यवहार में बाधा नहीं बनती।