NCERT Hindi Class 10 Chapter 11 Dairy Ka Ek Panna CBSE Board Sample Problems Long Answer (For CBSE, ICSE, IAS, NET, NRA 2022)

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1 जुलूस के लाल बाजार आने पर लोगों की क्या दशा हुई?

उत्तर- जुलूस के लाल बाजार आने पर भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस डंडे बरसा रही थी लोगों को लॉकअप में भेज रही थी। स्त्रियाप भी अपनी गिरफ्तारी दे रही थीं। दल के दल नारे लगा रहे थे। लोगों का जोश बढ़ता ही जा रहा था। लाठी चार्ज से लोग घायल हो गए थे। खून बह रहा था। चीख पुकार मची थी फिर भी उत्साह बना हुआ था।

2 26 जनवरी 1931 के दिन को अमर बनाने के लिए क्या-क्या तैयारियाप की गई?

उत्तर- 26 जनवरी 1931 के दिन को अमर बनाने के लिए काफी तैयारियाप की गयी थीं। केवल प्रचार पर दो हजार रुपए खर्च किये गए थे। कार्यकर्ताओं को उनका कार्य घर घर जाकर समझाया गया था। कलकता शहर में जगह-जगह झंडे लगाए गए थे। कई स्थानों पर जुलूस निकाले गए तथा झंडा फहराया गया था। टोलियाप बनाकर भीड़ उस स्थान पर जुटने लगी जहाप सुभाष बाबू का जुलूस पहुपचना था।

3 कलकता की महिलाओं ने देश की आजादी में क्या योगदान दिया?

उत्तर-कोलकाता में आजादी की लड़ाई में गुजराती सेविका संघ मारवाड़ी बालिका विद्यालय जानकीदेवी मदालसा बजाज आदि महिलाओं समूहों का योगदान था। 105 महिलाएप गिरफ्तार हुई।

4 डायरी का पन्ना पाठ के आधार पर कौंसिल और पुलिस कमिश्नर के नोटिस में समानताएंप और भिन्नताएप बताइए कलकतावासियों ने किसके नोटिस का पालन करते हुए अपना कलंक मिटाया?

उत्तर-दोनों ही नोटिस एक दिन समय व विषय में समान थे किन्तु कौंसिल ने झंडा फहराने और कमिश्नर ने रोकने का निर्देश दिया था। सन्‌ 1930 में अपने ऊपर कलंक को मिटाने के लिए 26 जनवरी 1931 में 2000 रुपये प्रचार में खर्च किए। झंडे लगाए गए। हड़तालों में स्त्रियों ने भी भागीदारी की।

5 कलकता ने अपने माथे पर लगे कलंक को कैसे धोया?

उत्तर- 26 जनवरी सन्‌ 1931 को स्वतंत्रता दिवस उत्साहपूर्वक मनाकर कलकता ने अपने माथे पर लगे कलंक को धोया। घर दुकानें सजायीं। हड़ताल, जुलूस निकाले, झंडा फहराया।

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