NCERT Hindi Class 10 Chapter 12 Tatanra Vamiro Katha CBSE Board Sample Problems Long Answer (For CBSE, ICSE, IAS, NET, NRA 2022)

Get unlimited access to the best preparation resource for CBSE/Class-10 : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of CBSE/Class-10.

1 रूढ़ियाप जब बंधन बन बोझ बनने लगे तब उनका टूट जाना ही अच्छा है, क्यों स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- रूढ़ियाप और बंधन समाज को अनुशासित करने के लिए बनते हैं परन्तु जब इन्हीं के दव्ारा मनुष्य की भावना आहत होने लगे, बंधन बनने लगे और बोझ लगने लगे तो उसका टूट जाना ही अच्छा होता है। इस कहानी के संदर्भ में देखा जाए तो ततापरा-वामीरो का विवाह एक रूढ़ि के कारण नहीं हो सकता था जिसके कारण उन्हें जान देनी पड़ती है। इस तरह की रूढ़ियाप किसी भला करने की जगह नुकसान करती हैं। समयानुसार समाज में परिवर्तन आते रहते हैं और रूढ़ियाप आडंबर प्रतीत होती हैं इसलिए इनका टूट जाना ही बेहतर होता है।

2 निकोबार दव्ीप समूह के विभक्त होने के बारे में निकोबारियों का क्या विश्वास है?

उत्तर-निकोबारियों का विश्वास था कि पहले अंडमान निकोबार दोनों एक ही दव्ीप थे। इनके दो होने के पीछे ततापरा-वामीरों की लोक कथा प्रचलित है। ये दोनों प्रेम करते थे। दोनों एक गापव के नहीं थे। इसलिए रीति अनुसार विवाह नहीं हो सकता था। रूढ़ियों में जकड़ा होने के कारण वह कुछ कर भी नहीं सकता। उसे अत्यधिक क्रोध आया और उसने क्रोध में अपनी तलवार धरती में गाड़ दी और उसे खींचते खींचते वह दूर भागता चला गया। इससे जमीन दो भागों में बपट गई-एक निकोबार और दूसरा अंडमान।

3 ततापरा वामीरो कथा के आधार पर उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए कि ततापरा सच्चे अर्थों में नायक था?

उत्तर- ततापरा वामीरो कथा का नायक ततापरा सुंदर स्वस्थ वीर मददगार सबका सम्मान करने वाला आत्मीय स्वभाव वाला नेक ईमानदार परोपकार करने वाला दैवीय शक्ति वाली लकड़ी की तलवार रखने वाला सच्चा प्रेमी था।

4 ततापरा ने अपनी तलवार का प्रयोग कब और क्यों किया?

उत्तर- ततापरा ने जब वामीरो की आंखों में आंसू देखे तो वह गुस्से से तिलमिला उठा कभी भी प्रयोग ना करने वाली तलवार को उसने अपनी कमर से बाहर निकाला और भूमि पर एक लकीर खींचते हुए चला गया।

5 कथा के आधार पर अंडमान निकोबार के सामाजिक जीवन का परिचय दीजिए।

उत्तर- अपने गापव के लोगों से ही प्रेम व वैवाहिक संबंध हो सकते थे। पशुपर्व के समय दूसरे गापवों के लोग प्रतियोगिता में शामिल हो सकते थे। नाच-गाना और भोजन का आयोजन भी होता था।

Developed by: