NCERT Hindi Class 10 Chapter 13 Teesri Kasam Ke Shilpkar Shailendra CBSE Board Sample Problems Long Answer (For CBSE, ICSE, IAS, NET, NRA 2022)

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1 शैलेन्द के निजी जीवन की छाप उनकी फिल्म में झलकती हैं स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- शैलेन्द्र एक फिल्मकार न होकर गीतकार थे। सरल हृदय के व्यक्ति थे। उन्होंने दिखावा या झूठा अभिजात्य कभी नहीं अपनाया। वे सीधे सरल इंसान थे। आदर्शवादी भावुक कवि थे जिसे अपार संपत्ति और यश तक की इतनी कामना नहीं थी जितनी आत्म संतुष्टि के सुख की अभिलाषा थी। उनकी एकमात्र फिल्म तीसरी कसम एक साधारण गापव की पृष्ठभूमि पर आधारित है जिसका पात्र हीरामन खालिस देहाती भुच्च गाड़ीवान जो सिर्फ दिल की जुबान समझता है दिमाग की नहीं। जिसके लिए मोहब्बत के सिवा किसी दूसरी चीज का कोई अर्थ नहींं हम कह सकते हैं कि हीरामन का व्यक्तित्व शैलेन्द्र के निजी जीवन की अनुकृति हैं।

2 हीरामन को अमर बनाने में शैलेन्द्र और राजकपूर दोनों का समान योगदान हैं स्पष्ट कीजिए

उत्तर- तीसरी कसम फिल्म के निर्माण में शैलेन्द्र ने मूल कथा में बदलाव नहीं किया। शैलेन्द्र ने हीरामन के रूप में भोले-भाले युवक का चित्रण किया है। फिल्म में राजकपूर ने अभिनय नहीं किया, अपितु वे हीरामन के साथ एकाकर हो गए हैं। खालिस देहाती भुच्च गाड़ीवान जो सिर्फ दिल की जुबान समझता है दिमाग की नहीं। जिसके लिए मोहब्बत के सिवा किसी दूसरी चीज का कोई अर्थ नहींं। इस समय वे एशिया के सबसे बड़े शोमैन के रूप में स्थापित हो चुके थे। तीसरी कसम में वह महिमामय व्यक्तित्व पूरी तरह हीरामन की आत्मा में उतर गया है। वह कहीं हीरामन का अभिनय नहीं करना, अपितु खुद हीरामन में ढल गया है।

3 शैलेन्द्र के गीतों की विशेषताएप लिखिए-

उत्तर- कवि शैलेन्द ने समझौता करना नहीं सिखा था। अत: फिल्म व गीतों में सरसता भाव दर्शनीय हैं सच्ची संवेदना करूणा होने के कारण मर्मस्पर्शी गीतों में शांत नदी का प्रवाह और समुद्र की गहराई दिखती हैंं। उन्होंने झूठे अभिजात्य को नहीं अपनाया और गीतों की भाषा कठिन नहीं थी।

4 तीसरी कसम फिल्म को सेल्यूलाइड पर लिखी कविता क्यों कहा गया है?

उत्तर- सेल्यूलाइड का अर्थ है -फिल्मांकन करते समय प्रयोग की जाने वाली कैमरे की रील। कविता में सरसता, लयात्मकता, मार्मिकता, भावुकता, प्रभावोत्पादकता के गुण होते हैं। तीसरी कसम फिल्म का निर्माण गीतकार शैलेन्द्र ने किया जिन्होंने साहित्यिक रचना के अनुसार फिल्म बनाई। फिल्म में सरसता लयात्मकता, मार्मिकता, भावुकता, प्रभावोत्पादकता होने के कारण लगता है मानो कोई कविता प्रस्तुत की जा रही हो।

5 फिल्मों में त्रासद स्थितियों का चित्रांकन ग्लोरिफाई क्यों कर दिया जाता है?

उत्तर- फिल्म निर्माण एक व्यवसाय है, जहाप पैसा कमाना प्रमुख उद्देश्य है और उसकी पूर्ति के लिए दर्शकों का भावनात्मक शोषण करने में कोई संकोच नहीं करता हैं। त्रासद स्थितियों का चित्रण भी अतिशय किया जाता है, जो काल्पनिक है लेकिन दर्शक भ्रमित हो जाते हैं।