NCERT Hindi Class 10 Chapter 16 Patjhar Ki Tooti Pattiyan 1 Ginni Ka Sona 2 Jhen Ki Den CBSE Board Sample Problems Long Answers (For CBSE, ICSE, IAS, NET, NRA 2022)

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1 गिननी का सोना के संदर्भ में यह स्पष्ट कीजिए कि अवसरवादिता और व्यवहारिकता इनमें से जीवन में किसका महत्व है?

उत्तर- गिन्नी का सोना कहानी में बल दिया गया है कि आदर्श शुद्ध सोने के समान है। इसमें व्यवहारिकता का तापबा मिलाकर उपयोगी बनाया जा सकता है। केवल व्यवहारवादी लोग गुणवाण लोगों को भी पीछे छोड़कर आगे बढ़ जाते हैं। यदि समाज का हर व्यक्ति आदर्शों को छोड़कर आगे बड़े तो समाज विनाश की ओर जा सकता है। समाज की उन्नति सही मायने में वहीं मानी जा सकती है, जहाप नेतिकता का विकास जीवन के मूल्यों का विकास हो।

2 आपके विचार में कोनसे ऐसे मूल्य हैं जो शाश्वत हैं वर्तमान समय में इन मूल्यों की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- ईमानदारी, सत्य, अहिंसा, परोपकार, परहित, कातरता, सहिष्णुता आदि ऐसे शाश्वत मूल्य हैं जिनकी प्रासंगिकता आज भी है। इनकी आज भी उतनी ही जरूरत है जितनी पहले थी। आज के समाज को सत्य अहिंसा की अत्यंत आवश्यकता है। इन्ही मूल्यों पर संसार नैतिक आचरण करता है। यदि हम आज भी परोपकार जीव-दया ईमानदार के मार्ग पर चले तो समाज को विघटन से बचाया जा सकता है।

3 लेखक के अनुसार सत्य केवल वर्तमान है उसी में जीना चाहिए। लेखक ने ऐसा क्यों कहा होगा?

उत्तर- लेखक के अनुसार सत्य वर्तमान है। उसे में जीना चाहिए। हम अक्सर या तो गुजरे हुए दिनों की बात में उलझे रहते हैं या भविष्य के सपने देखते है। इस तरह भूत या भविष्य काल में जीते हैं। असल में दोनो काल मिथ्या हैं। वर्तमान ही सत्य है उसी में जीना चाहिए।

4 शुद्ध आदर्श की तुलना सोने से और व्यावहारिकता की तुलना तापबे से क्यों की गई है ‘पतझड़ की टूटी पत्तियाप’ पाठ के आधार पर लिखिए।

उत्तर- शुद्ध आदर्श सोने के समान शुद्ध मिलावट से रहित होते हैंं। जीवन को सफल बनाते है। और व्यवहारिकता की तुलना तापबे से की गई है क्योंकि यह आदर्श से दूर होते हैं किन्तु व्यावहारिकता से ही आदर्श सुन्दर और टिकाऊ होते हैं।

5 लेखक के मित्र ने मानसिक रोग के क्या-क्या कारण बताए।

उत्तर-लेखक के मित्र ने मानसिक रोग के कारण बताए हैं कि मनुष्य चलता नहीं दौड़ता है बोलता नहीं बकता है एक महीने का काम एक दिन में करना चाहता है दिमाग हजार गुना अधिक गति से दौड़ता है। अत्यधिक तनाव बढ़ जाता है। मानसिक रोगों का प्रमुख कारण प्रतिस्पर्धा के कारण दिमाग का अनियिंत्रित गति से कार्य करना है।