NCERT Hindi Class 10 Chapter 2 Padh CBSE Board Sample Problems Long Answer (For CBSE, ICSE, IAS, NET, NRA 2022)

Get unlimited access to the best preparation resource for CBSE/Class-10 : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of CBSE/Class-10.

1 वे श्रीकृष्ण की कृपा पाने के लिए क्या-क्या कार्य करने को तैयार हैं?

उत्तर-मीरा कृष्ण को पाने के लिए अनेकों कार्य करने को तैयार हैं वह सेवक बन कर उनकी सेवा कर उनके साथ रहना चाहती हैं उनके विहार करने के लिए बाग बगीचे लगाना चाहती है। वृंदावन की गलियों में उनकी लीलाओं का गुणगान करना चाहती हैं ऊपचे-ऊपचे महलों में खिड़कियाप बनवाना चाहती हैं ताकि आसानी से कृष्ण के दर्शन कर सकें। कुसुम्बी रंग की साड़ी पहनकर आधी रात को कृष्ण से मिलकर उनके दर्शन करना चाहती हैं।

2 मीराबाई की भाषा शैली पर प्रकाश डालिए।

उत्तर-मीराबाई की भाषा सरल सहज और आम बोलचाल की भाषा है जो राजस्थानी ब्रज और गुजराती का मिश्रण है। पदावली कोमल भावानुकूल व प्रवाहमयी है पदों में भक्तिरस है तथा अनुप्रास पुनरुक्ति प्रकाश रूपक आदि अलंकार का भी प्रयोग किया गया है।

3 मीराबाई ने श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन कैसे किया है?

उत्तर- मीराबाई ने श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य का वर्णन करते हुए कहा है कि उनके सिर पर मोर पंखों का मुकुट है, वे पीले वस्त्र पहने हैं और गले में वैजंती फूलों की माला पहनी है वे बापसुरी बजाते हुए गायें चराते हैं और बहुत सुंदर लगते हैं।

4 दूसरे पद में मीराबाई श्याम की चाकरी क्यों करना चाहती हैं स्पष्ट कीजिए।

उत्तर-मीरा का हृदय कृष्ण के पास रहना चाहता है। उसे पाने के लिए इतना अधीर है कि वह उनकी सेविका बनना चाहती हैं। वह बाग-बगीचे लगाना चाहती हैं जिसमें श्री कृष्ण घूमें, कुंज गलियों में कृष्ण की लीला के गीत गाएप ताकि उनके नाम के स्मरण का लाभ उठा सके। इस प्रकार वह कृष्ण का नाम भावभक्ति और स्मरण की जागीर अपने पास रखना चाहती हैं।

5 पहले पद में मीरा ने हरि से अपनी पीड़ा हरने की विनती किस प्रकार की है?

उत्तर- मीरा ने हरि से अपनी पीड़ा हरने की विनती की है-प्रभु जिस प्रकार आपने द्रौपदी का वस्त्र बढ़ाकर भरी सभा में उसकी लाज रखी, नरसिंह का रूप धारण करके हिरण्यकश्यप को मार कर प्रह्नााद को बचाया, मगरमच्छ ने जब हाथी को अपने मुपह में ले लिया तो उसे बचाया और पीड़ा भी हरी। हे प्रभु! इसी तरह मुझे भी हर संकट से बचाकर पीड़ा मुक्त करो।

Developed by: