NCERT Hindi Class 10 Chapter 5 Parvat Pradesh Mein Pawas CBSE Board Sample Problems Long Answer (For CBSE, ICSE, IAS, NET, NRA 2022)

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1 पर्वत प्रदेश में पावस के आधार पर है टूट पड़ा भू पर अंबर पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- वर्षा ऋतु में जब घने बादल, पहाड़, पेड़ व झरनों को भी ढक देते हैं और चारों तरफ बादल-ही-बादल दिखाई देते हैं तब ऐसा लगता है कि आकाश टूट कर पृथ्वी पर घिर गया है।

2 पर्वत के हृदय से उठकर ऊपचे-ऊपचे वृक्ष आकाश की ओर क्यों देख रहे थे और वे किस बात को प्रतिबिंब करते हैं?

उत्तर- ऊपचे-ऊपचे पर्वत पर उगे वृक्ष आकाश की ओर देखते चिंता मग्न प्रतीत हो रहे हैं जैसे वे आसमान की ऊपचाईयों को छूना चाहते हैं। इससे मानवीय भावनाआंे को बताया गया है कि मनुष्य सदा आगे बढ़ने का भाव अपने मन में रखता है।

3 पावस ऋतु में प्रकृति में कौन-कौन से परिवर्तन आते हैं कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- वर्षा ऋतु में मौसम बदलता रहता है तेज वर्षा होती है, जल पहाड़ों के नीचे इकट्‌ठा होता है तो दर्पण जैसा लगता है। पर्वत मालाओं पर अनगिनत फूल खिल जाते हैं। ऐसा लगता है कि अनेक नेत्र खोलकर पर्वत देख रहा है। पर्वतों पर बहते झरने मानो उनका गौरव गान गा रहे हैंं लंबे-लंबे वृक्ष आसमान को निहारते चिंता मग्न दिखाई देते हैंं। अचानक काले-काले बादल घिर आते हैं ऐसा लगता है मानों बादल रूपी पंख लगाकर पर्वत उड़ना चाहते हैंं कोहरा धुंए जैसा लगता हैं। इंद्र देवता बादलों के यान पर बैठ कर नए-नए जादू दिखाना चाहते है।

4 सहस्त्र दृग-सुमन से तात्पर्य है कवि ने इस पद का प्रयोग किसके लिए किया होगा?

उत्तर- सहस्त्र दृग-सुमन कवि का तात्पर्य पहाड़ों पर खिले हजारों फूलों से है। कवि को फूल पहाड़ों की आपखों के समान लग रहे हैं इसलिए कवि ने इस पद का प्रयोग किया है। मानवीकरण अलंकार का प्रयोग करते हुए कवि कह रहा है कि झील रूपी दर्पण में पर्वत अपने हजार नेत्रों से अपनी सुन्दरता निहार रहा है।

5 पर्वत प्रदेश में पावस कविता का प्रतिपाद्य लिखिये

उत्तर- कविता में वर्षा ऋतु में पल-पल होने वाले परिवर्तनों का सजीव चित्रण हैं। पर्वतों की तलहटी में स्थिति स्वच्छ जल से भरा दर्पण सा तालाब बर्फ से ढकी चोटियाप रंग-बिरंगे पुष्प मोती की लड़ियों से झरने अचानक बादलों के पिछे इन सबका छिप जाना मानों इंद्र दव्ारा फैलाया इंद्र जल है।