NCERT Hindi Class 10 Chapter 6 Madhur Madhur Deepak Jale Mere CBSE Board Sample Problems Long Answer (For CBSE, ICSE, IAS, NET, NRA 2022)

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1 कवयित्री सर्वशक्तिमान ईश्वर का मार्ग क्यों प्रशस्त करना चाहती है?

उत्तर-: यह सत्य है कि ईश्वर सर्वशक्तिमान है, उसे किसी के दव्ारा अंधकार से निकलने की आवश्यकता नहीं है। इस कविता का भाव है कि हमें अपने अंधकार विकारों का शमन करके स्वयं को परोपकार आदि गुणों से युक्त करके ईश्वर को पाने का मार्ग पर चलने का प्रयास करना होगा। यही मानव जीवन का ध्येय होना चाहिए।

2 कवयित्री ने बादल का उदाहरण कविता में क्यों दिया है?

उत्तर-: बादल अपने लिए कुछ भी ग्रहण नहीं करता है। वर्षा करके सम्पूर्ण धरती को संतुष्ट कर देता है। वह स्वयं कष्ट सहकर भी दूसरों की भलाई में संग्लन रहता है ठीक उसी प्रकार हमें भी सही मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहना चाहिए।

3 पठित रचनाओं के आधार पर मीराबाई और आधुनिक युग की मीरा महोदवी वर्मा की तुलना कीजिए।

उत्तर-: दोनों ही कवयित्रियों का अपने अपने काल में विशिष्ट स्थान है। दोनों की रचनाओं में करूणा भाव वेदना प्रेम की पुकार सर्वत्र दिखाई देती है। यही कारण है महादेवी वर्मा को आधुनिक युग की मीरा कहा जाता है। यदि दोनों की रचनाओं पर ध्यान दिया जाए तो ज्ञात होता है कि मीराबाई भगवान श्री कृष्ण की अनन्य उपासिका हैं उनकी दासी बनकर रहना अपना सौभाग्य मानती है जबकि महादेवी के आराध्य निर्गुण ईश्वर हैं ईश्वर के प्रति समर्पण का भाव व्यक्त हुआ है। मीराबाई ने तत्कलीन लोकभाषा में पद रचे हैं जबकि महादेवी वर्मा जी की रचनाओं में संस्कृतनिष्ठ हिंदी प्रयोग की गई है।

4 मधुर-मधुर मेरे दीपक जल कविता की विशेषताएप लिखिए।

उत्तर-: छायावाद की प्रमुख स्तम्भ महादेवी वर्मा की प्रमुख रचना है। संस्कृतनिष्ठ भाषा को प्रयोग हुआ है। उपमा रूपक अलंकारों का सौंदर्य दिखाई दे रहा है। कविता में प्रयुक्त मधुर-मधुर पुलक-पुलक बिहपस-बिहपस सिहर सिहर आदि शब्दो के माध्यम से पुनरूत्किप्रकाश अलंकार का किया गया है। विभिन्न पतीकों या विम्बों के प्रयोग से छायावादी कविता की छटा निखर रही है।

5 कवयित्री ने दीपक को भिन्न-भिन्न प्रकार से जलने को क्यों कहा है?

उत्तर-: कविता में दीपक से अलग अलग स्थितियों में मधुर-मधुर पुलक-पुलक सिहर सिहर और बिहपस-बिहपस कर जलने के लिए कहा है। ईश्वर का मार्ग मधुरतापूर्वक प्रशस्त्र करना जीवन का हर पल दूसरों के लिए प्रसन्नतापूर्वक लगाना मोह-माया में फपसे लोगों की दुर्गति देखकर सिहरना तथा बादलों से सीख लेकर हपसते हुए लक्ष्य की ओर अग्रसर होने की शिक्षा देने के लिए विभिन्न शब्दों का चयन किया गया है।

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