NCERT Hindi Class 10 Chapter 9 Atmatraan CBSE Board Sample Problems Long Answer (For CBSE, ICSE, IAS, NET, NRA 2022)

Glide to success with Doorsteptutor material for CBSE/Class-10 : get questions, notes, tests, video lectures and more- for all subjects of CBSE/Class-10.

1 अंत में कवि क्या अनुनय करता हैं?

उत्तर-अंत में कवि अनुनय करता है कि चाहे सब लोग उसे धोखा दे सब दुख उसे घेर ले पर ईश्वर के प्रति उसकी आस्था कम न हो उसका विश्वास बना रहे। उसका ईश्वर के प्रति विश्वास कभी न डगमगाए।

2 ‘तरने की हो शक्ति अनामय’ का भाव स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- कवि कामना करता है कि यदि प्रभु दुख दे तो उसे सहने की शक्ति भी दे। वह यह नहीं चाहता कि ईश्वर उसे इस दुख के भार को कम कर दे या सांत्वना दे। वह अपने जीवन की जिम्मेदारियों को कम करने के लिए नहीं कहता बल्कि उससे संघर्ष करने उसे सहने की शक्ति के लिए प्रार्थना करता है।

3 आत्मत्राण शीर्षक की सार्थकता कविता के संदर्भ मे स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- शीर्षक संक्षिप्त रोचक और कथावस्तु से संबंधित होना चाहिए। आत्मत्राण शीर्षक तीनों तत्वों से मुक्त है। आत्मत्राण का अर्थ है आत्मा का त्राण अर्थात आत्मा या मन के भय का निवारण उससे मुक्ति। कवि चाहता है कि जीवन में आने वाले दुखों को वह निर्भय होकर सहन करे। दुख न मिले ऐसी प्रार्थना वह नहीं करता बल्कि मिले हुए दुखों को सहने उसे झेलने की शक्ति के लिए प्रार्थना करता है। इसलिए यह शीर्षक पूर्णतया सार्थक है।

4 कवि उससे और क्या प्रार्थना कर रहा है?

उत्तर- कवि करूणामय ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है कि उसे जीवन में विपदा दें साथ ही उन विपदाओं से लड़ने की शक्ति भी दें ताकि वह इन मुश्किलों पर विजय पा सके। उसका विश्वास अटल रहे।

5 आत्मत्राण कविता अन्य प्रार्थना कविताओं से किस प्रकार भिन्न है?

उत्तर-सभी प्रार्थना कविताओं में ईश्वर से कष्टो से मुक्ति सुख की प्राप्ति ऐश्वर्य प्रदान करने की इच्छा प्रकट की जाती है लेकिन आत्मत्राण में ईश्वर से मुश्किलों का सामना करने की शक्ति प्रदान करने करने की प्रार्थना की गयी है।

Developed by: