हिन्दी (संचयन) (पाठ 1) (मिथिलेश्वर-हरिहर काका) (कक्षा 10)

प्रश्न 3:

ठाकुरबाड़ी के प्रति गांव वालों के मन में अपार श्रद्धा के जो भाव हैं उससे उनकी किस मनोवृत्ति का पता चलता है?

उत्तर 3:

ठाकुरबाड़ी गांव की सबसे पुरानी और पूजनीय जगह थी, गांव वालों ने चंदा करके इस जगह पर एक मंदिर बनवा दिया था। कहीं से भी कोई साधु व संत आते तो वे ठाकुरबाड़ी ठहरकर आराम किया करते थे। प्रात: सायं यहाँ ठाकुर जी की पूजा अर्चना भी हुआ करती थी। गांव की बढ़ती आबादी के साथ-साथ ठाकुरबाड़ी का भी विस्तार एंव विकास होता गया। गांव के लोंगों की अंधीश्रद्धा और भरोसा था कि गांव में कोई भी अच्छा काम ठाकुर जी की कृपा से ही होता हैं। अर्थात इस गांव में कोई अच्छा काम ठाकुर जी के आर्शीवाद के बगैर नहीं होता था।

प्रश्न 4:

अनपढ़ होते हुए भी हरिहर काका दुनिया की बेहतर समझ रखते हैं? कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर 4:

हरिहर काका 15 बीघा जमीन के मालिक थे और अनपढ़ होते हुए भी समय के साथ उन्हें दुनिया की अच्छी समझ हो गई थी। अर्थात अशिक्षित होनें पर वक्त के रहते संसार की ठीक तरह समझ हो गई थीं। उन्हें महसूस होने लगा था कि उनके तीनों भाई और महंत उनकी जमीन हड़पना चाहते हैं उसी के लिए वे काका की सेवा कर रहे हैं। अपना गलती मानते हुए तीनों भाइयों ने काका से क्षमा याचना भी की, पर काका ने भाइयों की इच्छा जानते हुए अपने जीते जी अपनी जमीन किसी के भी नाम न करने का निर्णय लिया।

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