NCERT Class 10 Hindi Detailed Solutions of Sparsh Chapter 10 Bade Bhai Sahab Part 4

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हिन्दी (स्पर्श) (पाठ 1) (प्रेमचन्द्र-बड़े भाई साहब) (कक्षा 10)

प्रश्न 3 :

बड़े भाई साहब के अनुसार जीवन की समझ कैसे आती हैं?

उत्तर 3:

बड़े भाई साहब के अनुसार जीवन की समझ अनुभव व हर कार्य सीखने से आती है। व्यक्ति ने पढ़ाई में चाहे कितनी भी उपाधीयां ले ली हो यदि उसके पास किसी बात का अनुभव नहीं होगा तो सारी उपाधियां बेकार हैं। संसार की समझ अनुभव व उसे देखते हुए ही आती है। जिसके लिए बड़ा होना आवश्यक है। इसलिए बड़े बुजुर्ग अपने अनुभव के अनुसार ही बड़ी से बड़ी कठिनाइयों का आसानी से हल निकाल लेते हैं। बड़े भाई अपने प्रधानाध्यापक का उदाहरण देते हुए कहते हैं कि पढ़े लिखे होने के बाद भी उनके घर का खर्च उनकी माता जी चलाती है। क्योंकि प्रधानाध्यापक जी से 5 हजार रुपए में घर का खर्च नहीं चलता था। अर्थात प्रधानाध्यापक जी को घर खर्च का अनुभव नहीं है। इसके विपरीत माता के हाथ में पैसे देने से उन्हें घर खर्च चलाने में आसानी हो जाती है क्योंकि उनकी माता जी को जीवन के अनुभव की बहुत समझ थीं। इसी कारण से माता जी के लिए घर खर्च चलाना आसान था।

प्रश्न 4 :

छोटे भाई के मन में बड़े भाई साहब के प्रति श्रद्धा क्यों उत्पन्न हुई?

उत्तर 4 :

बड़े भाई साहब छोटे को अकक्सर डांटते रहते थे, लेकिन जब उन्होंने अपने छोटे भाई को जीवन जीने का उचित मार्ग बताया अर्थात जिदंगी जीने का सही नियम बताया तो छोटे भाई के मन में स्वयं ही बड़े भाई के प्रति आदर व सम्मान के भाव जाग्रत हो गए। बड़े भैया जी ने बताया की तुम्हारे और मेरे बीच जो पांच वर्ष अंतर का है उसे भगवान भी नहीं मिटा सकते हैं। इसलिए जिंदगी का अनुभव तुमसे ज्यादा मुझे है। जीवन को चलाने के लिए अनुभव की बहुत आवयकता होती है। वह भी मेरा तुमसे अधिक है। इसलिए आज भी मेरा तुम पर पूर्णतया अधिकार है। बड़े भाई की यह बातें सुनकर लेखक बड़े भाई के सामने नतमस्तक हो गया अर्थात अपना सिर उनके सम्मान में उन्हीं के सामने झुका लिया।

प्रश्न 5 :

बड़े भाई साहब की स्वभावगत विशेषताएँ बताइए।

उत्तर 5:

बड़े भाई साहब बहुत अधिक मेहनती व्यक्ति थे दिन रात पढ़ाई करते रहते थे पर किस्मत में उनके पास होना नहीं लिखा था। वे अपने छोटे भाई की वजह से बच्चों के खेल भी नहीं खेलते थे, और अपने भाई को हमेशा समझाते रहते थे कि पढ़ाई में सारा ध्यान लगाओ और अपने इसी व्यवहार से छोटे भाई के मन में अपने प्रति श्रद्धा उत्पन्न कर देते थे। अर्थात छोटा भाई बड़े भाई के सामने अपना सिर झुका लेता था। वे अपने छोटे भाई से महज 5 पांच वर्ष बड़े थे। इसलिए कई प्रकार के तर्क देते हुए अपने अनुभव और समझ से छोटे भाई को प्रभावित कर देते थे।

प्रश्न 6 :

बड़े भाई साहब ने जिंदगी के अनुभव और किताबी ज्ञान में से किसे और क्यों महत्वपूर्ण कहा था?

उत्तर 6 :

बड़े भाई साहब ने जिंदगी के अनुभव और किताबी ज्ञान में से जिंदगी के अनुभव को महत्वपूर्ण कहा हैं क्योंकि किताबी ज्ञान से केवल हमे जानकारी ही मिल सकती हैं। लेकिन जिदंगी की मुसीबतों का सामना करने के लिए, विभिन्न प्रकार की परिस्थितियों से लड़ने के लिए अनुभव ही काम आता हैं इसलिए दुनियादारी केवल अनुभव से ही आती है। अर्थात जीवन व्यतीत करने के लिए व्याहारिक ज्ञान होना भी बहुत जरूरी हैं। इसलिए हमें जीवन में अनुभव की बहुत आवश्यकता होती हैं। जीवन में हमेशा देखने को मिलता है साधारण/सामान्य जीवन में शिक्षित व्यक्ति अशिक्षित व्यक्ति से ज्यादा कमजोर व कम समझदार होता हैं। अर्थात सामान्य जिंदगी में ज्ञानी मनुष्य से अज्ञानी व्यक्ति को अधिक दुनिया की समझ होती हैं।

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