हिन्दी (स्पर्श) (पाठ 1) (प्रेमचन्द्र-बड़े भाई साहब) (कक्षा 10)

प्रश्न 7 :

बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि-

(क) छोटा भाई अपने बड़े भाई साहब का आदर करता हैंं।

उत्तर क:

छोटे भाई को कनकौए उड़ाने का बहुत शौक था अर्थात पसंद था और यह कार्य वह बड़े भाई से छिपकर करता था ताकि उन्हें ऐसा न लगे कि वह अपने भाई का लिहाज और आदर नहीं करता हैं। अर्थात छोटा भाई बड़े भाई के सामने ऐसा कोई कार्य नहीं करता जिससे बड़े भैया का अपमान हो जाए।

(ख) भाई साहब को जिंदगी का अच्छा अनुभव हैं।

उत्तर ख:

बड़े साइब का कहना था कि वे दोनों उम्र में 5 वर्ष बड़े हैं अर्थात उन दोनों की बीच पांच साल का अंतर है और बड़े भैया का अनुभव छोटे से कहीं अधिक है। वह कहा करते थे चाहे तुम कितनी भी बड़ी पढ़ाई कर लो अत: कितनी भी बड़ी उपाधियां पा लो, लेकिन तुम्हे दुनिया की समझ मुझसे कम ही रहेगी।

(ग) भाई साहब के भीतर भी एक बच्चा हैं।

उत्तर ग:

एक वक्त की बात है कनकौए हमारे ऊपर से जा रहा था। उसे पकड़ने के लिए बच्चे दौड़ रहे थे, बड़े भैया भी लंबे होने के कारण पतंग की डोर को पकड़कर कनकौए के पीछे दौड़ रह़े थे। अर्थात बड़े भैया को भी पतंग, खेलकूद आदि का शौक था पर वह छोटे की शिक्षा के कारण यह सब बच्चों वाले खेल नहीं खेलते थे।

(घ)

भाई साइब छोटे भाई का भला चाहते हैं।

उत्तर घ:

बड़े भाई साहब ने छोटे भाई को गले लगाते हुए समझाया कि मैं कनकौए उड़ाने को मना नही करता हूं, मेरा मन भी कनकौए उड़ाने को करता है पर अगर मैं भी कनकौए उड़ाने लगू तो मतलब ऐसा करूंगा तो तुम्हे उचित मार्ग कैसे दिखाऊंगा। आखिर में तुम मेरी जिम्मेदारी हो। इसलिए मेरा फर्ज है कि में हर समय तुम्हे सही मार्ग दिखाऊं।

Explore Solutions for Hindi

Sign In