NCERT Class 10 Hindi Detailed Solutions of Sparsh Chapter 11 Dairy ka ek Panna Part 1

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हिन्दी (स्पर्श) (पाठ 2) (सीताराम सेकरिया-डायरी का एक पन्ना) (कक्षा 10) प्रश्न अभ्यास खंड-क

प्रश्न 1:

26 जनवरी 1931 के दिन को अमर बनाने के लिए क्या-क्या तैयारियाँ की गई?

उत्तर1:

26 जनवरी 1931 के दिन को अमर बनाने के लिए कई ढेर सारी तैयारियां बड़े ही जोर-शौर के साथ की गई। पिछले साल की अपेक्षा इस बार कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार पर दो हजार रुपए खर्च किए गए थे। कार्यकर्ताओं ने प्रत्येक घर में जाकर लोगों को इस विशेष दिन के बारे में समझाया हैं कि 26 जनवरी 1931 का दिन हम सबके लिए कितना महत्वपूर्ण होता हैं। बड़े बाज़ार में हमेशा लोगों के घरों में राष्ट्रीय ध्वज लहराया करते थे।

प्रश्न 2:

’आज जो बात थी वह निराली थी’ किस बात से पता चल रहा कि आज का दिन अपने आप में निराला हैं? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर 2:

26 जनवरी 1931 के दिन सुभाष बाबु के जुलूस का पूरा भार अर्थात पूरी जिम्मेदारी पूर्णोंदास पर आ गई थी। औरतें जगह से अपना जुलूस निकालने तथा उचित जगह पर जानें की कोशिश कर रही थीं। मोनुमेंट नामक स्थान के पास जैसी व्यवस्था सुबह के समय में थी, वैसी व्यवस्था दोपहर के समय 1 बजे तक नहीं थीं। तीन बजे से ही मैदान में हजारो आदमियों की भीड़ जमा होने लगी तथा लोग समूह बनाकर मैदान में घूमने लगे। यही सबसे निराली अथवा आश्चर्यजनक बात थी।

प्रश्न 3:

पुलिस अधिकारी के अधिसूचना और कौंसिल के अधिसूचना में क्या अंतर हैं?

उत्तर 3:

पुलिस अधिकारी के अधिसूचना/सूचना और कौंसिल के अधिसूचना में यह अंतर है कि पुलिस अधिकारी ने आदेश निकाला था कि अमूक-अमूक धारा के आधार पर कोई भी सभा नहीं हो सकती है। जो लोग इस सभा में काम करने वाले थे, उन सबको इंस्पेक्टरों के माध्यम से अधिसूचना/चेतवानी दे दी गई थी और साथ में यह बात भी समझा दी गई थी कि सभा में हिस्सा लेने पर आरोपी समझे जाएंगे। इसके ठीक विपरीत कौंसिल के आदेश के अनुसार मोनुमेंट के ठीक नीचे 4 बजकर 34 मिनट पर ध्वज लहराया जाएगा और स्वतंत्रता का शपथपत्र पढ़कर सुनाया जाएगा। अत: सारांश रूप में एक ने सभा के होने के विपक्ष में आदेश निकाला था और एक ने सभा के होने के पक्ष में अधिसूचना निकाली थी।

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