हिन्दी (स्पर्श) (पाठ 3) (लीलाधर मंडलोई-तताँरा वामीरों कथा) (कक्षा 10) प्रश्न अभ्यास खंड-क

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प्रश्न 1:

तताँरा की तलवार के बारे में लोगों का क्या कहना था?

उत्तर 1:

तताँरा की तलवार के बारे में लोगों का कहना था कि तलवार भले ही लकड़ी की है लेकिन इसमें एक अद्भुत शक्ति है। अर्थात इस तलवार में एक आश्चर्य जनक ताकत हैं। उसके साहसिक कारनामों का कारण उसकी तलवार की शक्ति को मानते थे। अर्थात तताँरा ने जो बहादुरी के कार्य किए उसके पीछे का कारण यह आश्चर्यजनक तलवार की ताकत ही है।

प्रश्न 2:

वामीरों ने तताँरा को बेरुखी से क्या जवाब दिया?

उत्तर 2:

वामीरों ने तताँरा को बेरुखी देते हुए कहा कि अर्थात कड़े व्यवहार के तौर पर कहा कि पहले तुम मुझे अपने बारे में बताओ एवं इस तरह घूरने का कारण बताओं तात्पर्य इस तरह से गौर से देखने की वजह बताओ क्योंकि वामीरों अपने गाँव के अलावा किसी दूसरे गाँव के युवक के प्रश्नों के उत्तर देने के लिए बाध्य नहीं था। अर्थात किसी ओर युवक को वामिनों उत्तर देने के लिए तैयार नहीं था।

प्रश्न 3:

तताँरा-वामीरों की त्यागमयी मृत्यु से निकोबार में क्या परिवर्तन आया?

उत्तर 3:

तताँरा -वामीरो की त्यागमयी मृत्यु से अर्थात दोनों के न्यौछावर रूप में मरने से निकोबार दो भागों में विभाजित हो गया। उसमें से एक भाग का नाम निकोबार हैं और दूसरे भाग का नाम लिटिल अंदमान है।

प्रश्न 4:

निकोबार के लोग तताँरा को क्यों पसंद करते थे?

उत्तर 4:

निकोबार के लोग तताँरा को इसलिए पसंद करते हैं कि तताँरा एक शक्तिशाली नेक, मददगार व साहसी युवक था। वह हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहता था और स्थानीय सेवा करना अपना परम्‌ कर्तव्य समझता था। अर्थात निकोबार के रहने वालें लोगों की सेवा करना वह अपना पहला धर्म मानता था। इसलिए वहाँ के लोग उसे पसंद करते थे। अर्थात निकोबार के लोग तताँरा को चाहने लगे थे।

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