NCERT Class 10 Hindi Detailed Solutions of Sparsh Chapter 12 Tatara Vamiro Part 4

हिन्दी (स्पर्श) (पाठ 3) (लीलाधर मंडलोई-तताँरा वामीरों कथा) (कक्षा 10) आशय स्पष्ट कीजिए

प्रश्न 1:

जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा।

उत्तर 1:

ततांरा वामीरों से अलग नहीं रह सकता था। अर्थात तताँरा वामीरों से बिल्कुल अलग होकर जीवन व्यतीत नहीं कर सकता था। उसे क्रोध में कोई रास्ता नहीं सूझा। अर्थात तताँरा को गुस्से में आकर कोई मार्ग नहीं सूझा। उसने अपने गुस्से को शांत करने के लिए भूमि पर अपनी तलवार को घोंप दिया और पूरी शक्ति से भूमि में रेखा खींचने लगा, जिससे धरती फट गई और दो भागों में विभाजित हो गई।

प्रश्न 2:

बस आस की एक किरण थी जो समुद्र की देह पर डुबती किरणों की तरह कभी भी डूब सकती थी।

उत्तर 2:

तताँरा को वामीरों के आने की उम्मीद थी। सूर्य अस्त होने जा रहा था। अर्थात सूर्य ढलने को था, उसे लग रहा था कि अगर वामीरों नहीं आई तो जो उम्मीद की एक किरण बची है वह एक किरण भी ढलती किरणों की तरह कभी भी डूब सकती है। अर्थात सूर्य की डूबती किरणों की तरह वह उम्मीद की एक किरण कभी भी ढल सकती हैं।

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