NCERT Class 10 Hindi Detailed Solutions of Sparsh Chapter 2 Meera Pad Part 2

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हिन्दी (स्पर्श) (पाठ 2) (मीरा-पद) (कक्षा 10)

प्रश्न 4 :

मीराबाई की भाषा शैली पर प्रकाश डालिए।

उत्तर 4 :

मीरबाई की मूल भाषा बृजभाषा है, जो तत्कालीन काव्य की भाषा के रूप में प्रचलित थी। मीराबाई मूल रूप से राजस्थान की होने के कारण उनकी भाषा पर राजस्थानी भाषा का अच्छा प्रभाव देखने को मिलता हैं। इसके अतिरिक्त मीरा के काव्य में गुजराती, पंजाबी व खड़ी बोली आदि के शब्दों का समिम्श्रण हुआ है। मीरा ने माधुर्य भाव को अपने काव्य का विषय बनाया हैं। मीरा की कविताओं में एक रहस्या छिपा हुआ है जो उन्हें लौकिक व अलौकिक प्रेम से जोड़ता हैं। जब वे कृष्ण से अपने बिछड़ने की बात करती है तो वे कहती है कि वे कृष्ण से बिछड़ने से बेहद दुखी है और उनसे मिलने के लिए बहुत व्याकुल है। दूसरी ओर वे आत्मा और परमात्मा के मिलन की ओर ईशारा करती है, क्योंकि मीरा के अनुसार किसी भी जीव या प्राणी को जीवन में पूरा आनंद तब ही मिलता है जब उसका मिलन परमात्मा से हो जाता हैं।

प्रश्न 5 :

वे श्रीकृष्ण को पाने के लिए क्या क्या कार्य करने को तैयार हैं?

उत्तर 5 :

मीराबाई भगवान कृष्ण की अनन्य भक्त हैं, और वे कृष्ण को पाने के लिए बहुत कुछ करने को तैयार है जैसे वे कृष्ण के लिए नौकरी करने को तैयार हैं, कुसुंब की साड़ी पहनने को तैयार हैं यहां तक की मध्य रात्री को यमुना के तट पर भी जाने के लिए तैयार हैं अर्थात वे कृष्ण जी को प्राप्त करने के लिए कठिन से कठिन काम करने को भी तैयार हैंं।

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