हिन्दी (स्पर्श) (पाठ 4) (मैथलीशण गुप्त-मनुष्यता) (कक्षा 10) भाव स्पष्ट कीजिए

प्रश्न 1 :

सहानुभूति चाहिए, महाविभूति है यही;

वशीकृता सदैव हैं बनी हुई स्वयं मही।

विरुद्धवाद बुद्ध का दया प्रवाह में बहा;

विनीत लोकवर्ग क्या न सामने झुका रहा?

उत्तर 1:

प्रस्तुत पंक्ति के माध्यम से कवि यह बताना चाहता है व्यक्ति की सबसे बड़ी विभूति (विडंबना) यह हैं कि वह सहानुभूति चाहता है। अर्थात दया और सम्मान चाहता हैं। भूमि भी स्वयं उसके अधीन हो गई हैं। अर्थात धरती व्यक्ति के वश में हो गई हैं, भगवान बुद्ध के दया के प्रभाव से उनके विरोधी भी चले गए अर्थात उनके वश में हो गए। जो मनुष्य विनम्र व दयालु हैं संसार भी उसका दास हो ही जाता है कहने का तात्पर्य है कि जो व्यक्ति समाज और लोक कल्याण का कार्य करते हैं समाज भी फिर उनका आदर सम्मान करने लगती हैं।

प्रश्न 2 :

रहों न भूल के मदांध तुच्छ वित्त में

सनाथ जान आपको करो न गर्व चित्त में।

अनाथ कौन है यहाँ, त्रिलोकनाथ साथ हैं,

दयालु दीनबंधु के बड़े विशाल साथ हैं।

उत्तर 2 :

प्रस्तुत पंक्ति के माध्यम से कवि व्यक्ति को यह कहना चाहता है कि मनुष्य को कभी घमंड नहीं करना चाहिए। कवि का मानना है कि मनुष्य को कभी भी आपनी ताकत का अभिमान नहीं करना चाहिए अर्थात व्यक्ति को स्वयं पर कभी इतना अहं नहीं होना चाहिए। इसके साथ उसे धन का भी अंहकार नहीं होना चाहिए। क्योंकि इस दुनिया में कोई भी अनाथ नहीं है सबके भगवान अर्थात सभी के नाथ त्रिलोकीनाथ हैं जो हर प्राणी के साथ रहते हैं। जिस नाथ ने संसार के प्रत्येक प्राणी व जीव को बनाया हैं।

प्रश्न 3 :

चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए,

विपत्ति, विघ्न जो पड़ें उन्हें धकेलते हुए।

घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी,

अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी।

उत्तर 3 :

प्रस्तुत पंक्ति के दव्ारा कवि व्यक्ति को प्रेरणा देते हुए कहता हैं कि यह मनुष्य का इच्छानुसार रास्ता हैं, अर्थात स्वयं का मार्ग हैं, इस पर उसे खुश होकर चलना चाहिए। रास्ते में आने वाली हर मुश्किलों, कठिनाइयों व दिक्कतों का सामना उसे दृढ़तापूर्वक करना चाहिए और आगे बढ़ते रहना चाहिए। आपस में भेद भाव, द्धेष कलह भूलकर मिलकर साथ रहना चाहिए। तर्क करने वालों को एक होकर कुतर्क करने वालों को सही सबक सिखाना चाहिए। अर्थात पक्ष वालों को एक होकर विपक्ष वालों को सही रास्ता दिखाना चाहिए।

Explore Solutions for Hindi

Sign In