NCERT Class 9 Hindi Chapter 14 Part 1 1 कक्षा 9 एनसीईआरटी पाठ-14

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प्रश्न 1

’मैं उत्पन्न हुई तो मेरी बड़ी खातिर हुई और मुझे वह सब नहीं सहना पड़ा जो अन्य लड़कियों को सहना पड़ता हैं’। इस कथन के आलोक में आप यह पता लगाएँ कि-

(क) उस समय लड़कियों की दशा कैसी थीं?

उत्तर-उस समय लड़कियों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। उस समय का समाज पुरुष प्रधान था। पुरुषों को समाज में ऊँचा दर्जा प्राप्त था। पुरुषों के सामने नारी को अत्यंत हीन दृष्टि से देखा जाता था। इसका एक कारण समाज में व्याप्त दहेज-प्रथा भी थी। इसी कारण से लड़कियों के जन्म के समय या तो उसे मार दिया जाता था या तो उन्हें बंद कमरे की चार दीवारी के अंदर कैद करके रखा जाता था। शिक्षा को पाने का अधिकार भी केवल लड़कों को ही था। कुछ उच्च वर्गों की लड़कियाँ ही शिक्षित थी परन्तु उसकी संख्या भी गिनी चुनी थी। ऐसी लड़कियों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

(ख) लड़कियों के जन्म के संबंध में आज कैसी परिस्थितियाँ हैं?

उत्तर-लड़कियों को लेकर पहले की तुलना में आज की स्थिति में सुधार आया है। इसका एक मात्र कारण अपने अधिकारों को पाने के लिए नारी की जागरुकता है। यद्यपि स्थिति पूरी तरह से अनुकूल नहीं है परन्तु फिर, भी आज के समाज में नारियों को उचित स्थान प्राप्त है। आज भी कुछ परिवारों में नारी की स्वतंत्रता पर प्रश्न चिन्ह है। कहीं-कहीं पर दहेज-प्रथा हैं। परन्तु निष्कर्ष तौर पर हम कह सकते हैं कि समय के साथ-साथ लड़कियों की स्थिति में पहले से अधिक सुधार आया है। हमारे समाज में भी नारी के अस्तित्व को लेकर लोगों का दृष्टिकोण बदल रहा है। अत: हम कह सकते हैं कि पुरुष समाज में नारी आज पुरुषों से पीछे नहीं हैं।

प्रश्न 2

लेखिक उर्दू-फ़ारसी क्यों नहीं सीख पाईं?

उत्तर- उर्दू-फ़ारसी में रुचि नहीं होने के कारण लेखिका को यह भाषा कठिन लगी। इसी कारण से लेखिका उर्दू-फ़ारसी नहीं सीख पाई।

प्रश्न 3

लेखिका ने अपनी माँ के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं का उल्लेख किया हैं?

उत्तर-

लेखिका ने अपनी माँ के व्यक्तित्व की निम्नलिखित विशेषताओं का उल्लेख किया हैं-

• उनके परिवार में केवल उनकी माँ को ही हिंदी आती थी।

• वे पूजा-पाठ भी बहुत करती थीं।

• उनकी माँ को थोड़ी संस्कृत भी आती थी।

• ”गीता” में उन्हें विशेष रुचि थी।