NCERT Class 9 Hindi Chapter 16 Part 1 कक्षा एनसीईआरटी पाठ-16

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प्रश्न 1 प्रश्न 2 के उत्तर एनसीआरटी भाग- 15 में आ चुके हैं।

प्रश्न 3

तीसरे दोहे में कवि ने किस प्रकार के ज्ञान को महत्व दिया है?

उत्तर - कवि ने यहाँ सहज ज्ञान को महत्व दिया है। वह ज्ञान जो सहजता से सुलभ हो हमें उसी ज्ञान की साधना करनी चाहिए।

प्रश्न 4 इस संसार में सच्चा संत कौन कहलाता है?

उत्तर - जो भक्त निष्पक्ष भाव से ईश्वर की आराधना करता है, संसार में वही सच्चा संत कहलाता है।

प्रश्न 5

अंतिम दो दोहो के माध्यम से कबीर ने किस तरह की संकीर्णताओं की ओर संकेत किया है।?

उत्तर - अंतिम दो दोहो के माध्यम से कबीरदास जी ने समाज में व्याप्त धार्मिक, संकीर्णताओं, समाज की जाति-पाति की असमानता की ओर हमारा ध्यान आकर्षित करने की चेष्टा की है

प्रश्न 6

किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके कुल से होती है या उसके कर्मों से? तर्क सहित उत्तर दीजिए।

उत्तर -व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्धारण उसकी जाति या धर्म से न होकर उसके कर्मों के आधार पर होता है। कबीर ने स्वर्ण कलश और सुरा (शराब) के माध्यम से अपनी बात स्पष्ट की है।

जिस प्रकार सोने के कलश में शराब भर देने शराब का महत्व नहीं बढ़ जाता तथा उसकी प्रकृति नहीं बदलती। उसी प्रकार श्रेष्ठ कुल में जन्म लेने मात्र से किसी व्यक्ति का गुण निर्धारित नहीं किया जा सकता। मनुष्य के गुणों की पहचान उनके कर्म से होती है। अपने कर्म के माध्यम से ही हम समाज में प्रतिष्ठित होते हैं। कुल तथा जाति दव्ारा प्राप्त प्रतिष्ठा अस्थाई होती है।

प्रश्न 7

काव्य सौंदर्य स्पष्ट कीजिए

हस्ती चढ़िए ज्ञान कौ, सहज दुलीचा डारि।

स्वान रूप संसार है, भूँकन दे झख मारि।

उत्तर -प्रस्तुत दोहे में कबीरदास जी ने ज्ञान को हाथी की उपमा तथा लोगों की प्रतिक्रिया को स्वान (कुत्ते) का भौंकना कहा है।

काव्य सौंदर्य-

§ यहाँ रुपक अलंकार का प्रयोग किया गया है।

§ दोहा छंद का प्रयोग किया गया है।

§ यहाँ सधुक्कड़ी भाषा का प्रयोग किया गया है।

§ यहाँ शास्त्रीय ज्ञान का विरोध किया गया है तथा सहज ज्ञान को महत्व दिया गया है।