शब्द भंडार

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शब्द -भंडार की परिभाषा-भाषा में प्रयुक्त होने वाले इन विभिन्न प्रकार के शब्दों के समुदाय को शब्द-भंडार कहते हैं। अर्थ को ध्यान में रखकर हम शब्दों को विभिन्न वर्गों में बांट सकते हैं-

• पर्यायवाची

• विलोम

• श्रुतिसमभिन्नार्थक

1. पर्यायवाची या समानार्थी की परिभाषा- पर्यायवाची शब्द वे शब्द हैं जो ’एक अर्थ’ का बोध कराते हैं। यहाँ ’एक अर्थ’ कई शब्दों दव्ारा बताया जाता है अर्थात प्राय: समान अर्थ वाले शब्द पर्यायवाची कहलाते हैं।

• अग्नि-आग, अनल, पावक, ज्वाला।

• अनुपम- अदव्वितीय, अनोखा, अपूर्व, निराला, अनूठा।

• अश्व-घोड़ा, तुरंग, हय, वाजि, घोटक।

• अहंकार- दंभ, घमंड दर्प, अभिमान।

• अंधकार- तिमिर, अँधेरा, तम, तमिस्र।

2. विलोम शब्द -कुछ शब्द परस्पर विपरीत अर्थ बताते हैं। ऐसे शब्दों को विलोम शब्द कहा जाता है। अर्थात विपरीत अर्थ वाले शब्द विपरीतार्थक शब्द कहलाते हैं।

शब्द

विलोम

अनुज

अग्रज

आकर्षण

विकर्षण

आकाश

पाताल

उचित

अनुचित

आयात

निर्यात

श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द- जिन शब्दों का उच्चारण लगभग समान हो पर अर्थ भिन्न-भिन्न हों, वे ’श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द’ कहलाते हैं।

समरूपी

अर्थ

अनल

अग्नि

अनल

वायु

अंस

कंधा

अंश

हिस्सा

अन्न

अनाज

अन्य

दूसरा

अंत

समाप्त

अंत्य

नीच

ध्यान देने योग्य-पर्याय प्रतीत होने वाले कुछ शब्दों के अर्थ में अंतर हो सकता है।