व्याकरण- (Grammar)

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व्याकरण की परिभाषा:- वह साधन जो हमें किसी भाषा को बोलने, पढ़ने या लिखने का व्यवस्थित ज्ञान कराता है, व्याकरण कहलाता है। अर्थात व्याकरण वह साधन है जिसके दव्ारा भाषा के शुद्ध रूप का ज्ञान होता है। व्याकरण हमें बतलाता है किस प्रकार की भाषा शुद्ध है और कौन सी अशुद्ध

जैसे:-

• अच्छा गोपी है नाचती-अशुद्ध

• गोपी अच्छा नाचती है-शुद्ध

पहले वाक्य में शब्द व्यवस्थित ढंग से नहीं रखे गए हैं अत: इनसे बना वाक्य अशुद्ध है। दूसरे वाक्य में वे शब्द व्यवस्थित करके लिखे गए हैं अत: यह वाक्य शुद्ध है। इन शब्दों को व्यवस्थित क्रम देने के लिए व्याकरण के नियमों का ज्ञान कराया जाता है। इन नियमों के लिए व्याकरण को तीन मुख्य भागों में बाँटा गया है-

वर्ण विचार- इसमें वर्णों या अक्षरों के आकार, उनका उच्चारण एवं उनके मेल से संबंधित नियमों के बारे में पढ़ा जाता है।

शब्द विचार- इसमें शब्दों की बनावट, उनकी उत्पत्ति, उनके भेद, उनकी रचना आदि के नियमों के बारे में पढ़ा जाता है।

वाक्य विचार- इसमें वाक्यों की बनावट, उनके भदे, उनकी रचना आदि के नियमों के बारे में पढ़ा जाता है।

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