CBSE Summary कक्षा-10 अध्याय-3 दो चरोंमें रैखिक समीकरण युग्म (Pair of Two Equations in Two Variables)

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दो चरोंमें रैखिक समीकरण युग्म (Pair of Two Equations in Two Variables)

  • दो चरोंमें रैखिक समीकरण – जिस समीकरण को के रूपमें रखा जा सके, जहाँ a, b और c वास्तविकसंख्याएँ हैं, तथा a और b दोनों शून्य नहीं हो सकते, x और y में रैखिकसमीकरण कहलाता है।

  • किसी भी दो चरों वाले रैखिकसमीकरण काप्रत्येक हल इस समीकरणको निरूपित करने वाली रेखा पर स्थित एक बिंदु होता है। इसका विलोमशःभी सत्य है।

  • दो चरों वाले रैखिकसमीकरण का ज्यामितीय निरूपण (ग्राफ) एक सरल अर्थात सीधी रेखा होती है।

  • एक तल में दो रेखाएँद होने पर निम्न में से कोई एक सम्भावना हो सकती है–

    • समान्तररेखाएँ

    • प्रतिच्छेदीरेखाएँ

    • संपातीरेखाएँ

  • दो चरों वाले रैखिकसमीकरण युग्म के हल ग्राफ पर दो सरलरेखाएँ होती हैं, जिनमें उपरोक्त में से कोई एक सम्बन्ध हो सकता है।

    • रेखाएँ समान्तर हुई तो दो चरों में रैखिकसमीकरणका कोई हल नहीं होगा। इस प्रकार के रैखिकसमीकरणयुग्मको असंगत युग्म कहा जाता है।

    • रेखाएँ प्रतिच्छेदी हुई तो दो चरों में रैखिक समीकरण का केवल एक अद्वितीय हल होगा। इस प्रकार के रैखिकसमीकरणयुग्म संगतयुग्म कहलाते हैं।

    • रेखाएँ संपाती हुई तो दो चरों में रैखिकसमीकरणके असीमित हल होंगे। इस प्रकारके रैखिकसमीकरणको आश्रित युग्म कहा जाता है और आश्रित युग्म हमेशा संगत होता है।

  • दो रैखिकसमीकरण युग्म इस रूपके होते हैं -

  • रेखाएँ प्रतिच्छेद करें तो बराबर नहीं होगा

  • रेखाएँ समान्तर हुई तो लेकिन बराबर नहीं होगा

  • रेखाएँ संपाती हुई तो

  • रैखिकसमीकरण युग्म को हलकरने की विधियाँ–

  • प्रतिस्थापनविधि – रैखिकसमीकरणयुग्म में से किसी भी समीकरण को x या y के मानमें ज्ञात करके दूसरे समीकरण में प्रतिस्थापित करके मान ज्ञात करनेकी विधि को प्रतिस्थापनविधि कहते हैं।

  • विलोपनविधि – रैखिकसमीकरणयुग्म में पहले समीकरण के x या y के गुणांक से दूसरे समीकरण में तथा दूसरे समीकरणके उसी चरके गुणांक से पहले समीकरणमें गुणा करो और फिर बड़े मान वाले समीकरण में से छोटे मान वाले समीकरणको घटाकरमानज्ञातकरनेकीविधिकोविलोपनविधिकहाजाताहै।

  • वज्र-गुणनविधि - रैखिकसमीकरणयुग्म

केमानोंकोनिम्नरूपमेंलिखतेहैं

और x और y के मान ज्ञात करते हैं, जहाँ बराबर नहीं शून्य के।● जो समीकरण के रूप के न हो उन्हें पहले a और b के उभयनिष्ठगुणनखंडके स्थान पर कोई अन्य अक्षर मानकर इस रूपमें परिवर्तित किया जाता है और फिर हल किया जाता है।● किसी भी रैखिकसमीकरण युग्मका ग्राफीयप्रदर्शन कर सकते हैं और इसे ग्राफविधि और बीजगणितीयविधि द्वारा हल कर सकते हैं।

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