CBSE Summary कक्षा-10 अध्याय-4 द्विघातसमीकरण (Quadratic Equation) (For CBSE, ICSE, IAS, NET, NRA 2022)

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द्विघातसमीकरण (Quadratic Equation)

द्विघातसमीकरण – जिस बहुपद की घात 2 होती है, द्विघातसमीकरण कहलाता है। इसका मानकरूप होता है।

कुछ समीकरणों का सरलीकरण करके द्विघात समीकरण के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। द्विघातबहुपद के शून्यक और द्विघात समीकरण के मूलएक (समान) हीहैं।

किसी भी द्विघातबहुपद के अधिकतम 2 शून्यक ज्ञात किये जा सकते हैं, इसी प्रकार किसी भी द्विघातसमीकरण के अधिकतम 2 मूल ज्ञात किये जा सकते हैं।

द्विघातसमीकरण के मूलज्ञात करने के लिए पहले द्विघातबहुपद को दो रैखिकगुणनखण्डों में गुणनखंडित करते हैं, फिर दोनों गुणनखण्डोंको क्रमशःशून्य के बराबर रखकर मूल ज्ञात किये जाते हैं।

किसी भी द्विघातबहुपद को के रूप में बदलाजा सकताहै और फिर द्विघातबहुपदके शून्यक या द्विघातबहुपदकेमूल ज्ञात किये जा सकते हैं। इसे पूर्णवर्ग बनाने की विधि कहा जाता है।

अगर किसी द्विघात समीकरण में का गुणांक पूर्णवर्ग न होतो समीकरण में के गुणांक से गुणा करते हैं या किसी ऐसी संख्या से भाग देते हैं जिससे कि का गुणांक पूर्णवर्ग हो जाए और के रूप में बदला जाता है।

द्विघातीसूत्र -अगर शून्य या कोई धनात्मक मान है, तो द्विघातसमीकरण 0 के मूल होते हैं, इसे द्विघाती सूत्र कहते हैं।

मूलों की प्रकृति – द्विघात समीकरण के मूल - दो अलग-अलग वास्तविक मूल होंगे, यदि

दो समान वास्तविक मूल होंगे, यदि कोई भी वास्तविक मूल नहीं होगा, यदि

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