CBSE Summary कक्षा-10 अध्याय-8 त्रिकोणमितिकापरिचय (Introduction to Trigonometry)

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त्रिकोणमिति का परिचय (Introduction to Trigonometry)

  • त्रिकोणमिति गणितकी एक अहमशाखा है, जिसके अंतर्गतसमकोण त्रिभुजकी भुजाओं और कोणोंके बीचके सम्बन्धोंका अध्ययनकिया जाता है।

  • अंग्रेजी शब्द 'Trigonometry' की व्युत्पत्ति ग्रीक भाषाके तीन शब्दोंसे मिलकर हुई है -'tri' (तीन), 'gon' (भुजा) और 'metron' (माप) अर्थात 'तीनभुजाओंकीमाप' जो कि एक त्रिभुज होता है।

  • प्राचीनकालमें त्रिकोणमिति पर मिस्र और बेबीलोन देशोंने कार्य किया है।समकोणत्रिभुज – ऐसा त्रिभुज जिसमें कोई भी एक कोण 90° का हो।न्यूनकोण - 90° से कम मानवाले कोण को न्यूनकोण कहते हैं।

  • त्रिकोणमितीय अनुपात

= या

= या

= या

= या

= या

  • ध्यानदें - cosec A, sec A और cot A के अनुपात क्रमशः sin A, cos A और tan A के व्युत्क्रम (उल्टे) होते हैं।

  • उपरोक्त त्रिकोणमितीय अनुपातोंको याद रखनेके लिए एक ट्रिकहै परन्तु इसके लिए आपको लंब, आधार और कर्णको English में याद रखना होगा जो किये है

लंब - Perpendicular (P)

आधार - Base (B)

कर्ण – Hypotenuse (H)

आपको एक वाक्य याद रखना है –

Pandit Badri Prasad

Har Har Bole

अब यदि शब्दोंके प्रथम अक्षरोंको लिया जाये तो

PBP

HHB

एक अक्षर ऊपर और एक अक्षर नीचेसे लेने पर यह इस प्रकारके अनुपात दर्शाता है –

अब इन्ही अनुपातोंको उल्टाकर देने पर

sin और cos में सम्बन्ध -

त्रिकोणमितीय अनुपातों के नाम पूर्णरूप में

  • sin – sine

  • cos – cosine

  • tan – tangent

  • cosec – cosecant

  • sec – secant

  • cot – cotangent

  • ध्यान रहे कि tan A, tan और A का गुणनफल नहीं है। tan का A से अलग हो जाने पर कोई मान नहीं रहता। इसी प्रकार अन्य त्रिकोणमितीय अनुपातोंके साथ भी होता है।

  • पूर्ण रूपसे समरूपत्रिभुजोंके त्रिकोणमितीय अनुपातोंमें कोई अंतर नहीं होता है।

  • कोणको दर्शानेके लिए हम English Alphabet के किसी Letter का प्रयोग करते हैं और कभी-कभी ग्रीक अक्षर थीटा का प्रयोग करते हैं।

  • किसीभी समकोण त्रिभुजकी दो भुजाएँ या उनका अनुपात दिए होने पर हम तीसरी भुजा पाइथागोरसप्रमेय के द्वारा ज्ञात कर सकते हैं और फिर सभी त्रिकोणमितीय अनुपातभी ज्ञात कर सकते हैं।

  • निम्न सारणी त्रिकोण मिति के और के अनुपातों को दर्शाती है -

Illustration 1 for त्रिकोणमिति का परिचय (Introduction to Trigonometry)

Illustration 1 for त्रिकोणमिति का परिचय (Introduction to Trigonometry)

  • किसी समकोण त्रिभुजकी कोई एक भुजा और एक न्यूनकोण दिए होने हम अन्य दो भुजाएँ, कोणका त्रिकोणमितीय मान रखकर ज्ञात कर सकते हैं, और फिर सभी त्रिकोणमितीय अनुपातभी ज्ञात कर सकते हैं।

  • किसी समकोण त्रिभुजकी दो या तीनों भुजाएँ दी होने पर त्रिभुजके कोण ज्ञात कियेजा सकते हैं, यदि भुजाओं का अनुपात किसी भी कोणके त्रिकोणमितीय अनुपातके बराबर आता है।

  • त्रिकोणमितीय प्रश्नोंको हल करते समय ध्यान रखेंकि सर्वप्रथम अनुपातोंको सम्बन्धित सूत्र/अनुपात में परिवर्तित करे ताकि हलकरने में आसानी हो जाए।

पूरककोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात

त्रिकोणमिती यसर्वसमिकाएँ

  • कोईभी त्रिकोणमितीय अनुपात दिया होने पर हम त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं की सहायतासे अन्य त्रिकोणमितीय अनुपात ज्ञात कर सकते हैं।

  • त्रिकोणमितीय प्रश्नों को हल करते समय यदि किसी किसी प्रश्नया उसके हल में कहींभी कोई सर्वसमिकालागू होती है तो, उसमें सर्वसमिका अवश्य लगाएँ।

  • यदि त्रिकोणमितिके किसी प्रश्नमें दो पक्षों को सत्यापित करनेके लिए कहा जाए तो पहले बड़े पक्ष को हल करें और छोटे पक्षके बराबर लाने का प्रयत्न करें। यदि पक्ष बराबर नहीं आ ते तो बड़े पक्षको अधिकतम सीमा तक सरल करने के बाद छोटे पक्ष को भी सरल करें, आपका उत्तर अवश्य सही होगा।

  • दाएँ पक्ष के किसी धनात्मकपद को बाईं तरफ विस्थापित करने पर उसका चिन्ह ऋणात्मक हो जाता है। विलोमशःभी सत्य है।

  • और का मान कभी भी 1 से अधिक नहीं होता, जब कि और का मान हमेशा 1 या उससे अधिक ही होता है।

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