दो चरों वाले रैखिकसमीकरण (Linear Equations in Two Variables) कक्षा 9, अध्याय 4

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चर – अक्षरों द्वारा दर्शाए गए मानों को चर कहते हैं।

  • जैसेमें x एक चर है।

  • अचर – संख्यात्मक मानको अचर कहते हैं। जैसे

  • समीकरण – चरों और अचरों के संयोजन से दर्शाए गए दोपक्ष (बायाँपक्ष और दायाँपक्ष) जिनके बीच में समताका चिन्ह (=) लगा होता है, समीकरण कहलाता है।

  • दो चर वाले समीकरण – जिस समीकरणमें दो चर प्रयोग किये गए हों, दो चरों वाला समीकरण कहलाता है।

रैखिक समीकरण

जिस समीकरणमें अधिकतम घात 1 हो, उसे रैखिकसमीकरण कहते हैं।

  • रैखिकसमीकरणका केवल और केवल एक अद्वितीय हल होता है।

  • यदि किसी रैखिकसमीकरणके दोनों पक्षों में कोई समानसंख्या जोड़ी या घटाई जाए तो, समीकरण पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इसी प्रकार रैखिकसमीकरणके दोनों पक्षों में शून्यके अलावा किसीभी संख्यासे गुणा या भाग दिया जाए तबभी समीकरण अप्रभावित रहता है।

  • दो चरों वाला रैखिकसमीकरण – जिस समीकरण को के रूप में प्रकट किया जा सके उसे दो चरों वाला रैखिकसमीकरण कहते हैं। ( और c वास्तविक संख्याएँ है तथा a और b शून्येतर संख्याएँ हैं।

  • दोचर वाले समीकरणोंके अनगिनत हल होते हैं।

  • दोचरों वाले रैखिकसमीकरणके हलोंको आलेख पर प्रदर्शित करके उन्हें मिलाने पर एक सीधी रेखा प्राप्त होती है। मानास मीकरणके हलोंसे रेखा PQ प्राप्त हुई, तब -

  • हर वह बिंदुरेखा PQ परस्थित होगा जिसके निर्देशांक समीकरणको सन्तुष्ट करते हैं।

  • रेखा PQ परस्थित हर बिंदु (a, b) समीकरण का एक हलऔरहोताहै।

  • जो बिंदुरेखा PQ (समीकरण के हलों से प्राप्त रेखा) परस्थित नहीं होगा, वह समीकरणका हल नहीं होगा।

  • एक घातवाले समीकरणको रैखिकसमीकरण इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसका आलेखीय निरूपण एक सरलरेखा होता है।

  • के रूपके समीकरणका आलेख वह रेखा होतीहै जो सदैव मूलबिन्दु (0, 0) से होकर जाती है।

  • नोटःमूलबिन्दु के निर्देशांक (0, 0) होते हैं।

  • कार्तीयतल - x अक्ष और y अक्ष जो परस्पर (0, 0) परप्रतिच्छेद करते हैं, का आलेखकार्तीयतल कहलाता है।

  • y अक्ष के समीकरण मेंऔर x अक्षके समीकरणमेंहोताहै।

  • का आलेख कार्तीयतल पर y अक्षके समांतर एक सरलरेखा होता है औरका आलेख x अक्षके समांतर सरलरेखा होता है।

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