CBSE Summary कक्षा-9 अध्याय-5 यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय (Introduction of Euclid՚s Geometry) (For CBSE, ICSE, IAS, NET, NRA 2022)

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यूक्लिड की ज्यामिति का परिचय (Introduction of Euclid՚s Geometry)

  • ज्यामिति (geometry) शब्द यूनानी भाषाके दो शब्दों geo अर्थात ‘पृथ्वी’ और metrein अर्थात ‘मापना’ से मिलकर बना है।
  • पिरामिड (pyramid) – वह ठोस आकृति जिसका आधार एकत्रिभुज/वर्ग/बहुभुज होता है और इसके पार्श्वफलक (side faces) एकही बिंदु पर मिलनेवाले त्रिभुज होते हैं।
  • ‘वृत्त (circle) का व्यास (diameter) वृत्त को दो बराबर भागों में बाँटता है।’ इस कथनकी सबसे पहले उपपत्ति (proof) थेल्स नामक एक यूनानी गणितज्ञनेदी प्रस्तुत की।
  • पाइथागोरस ने पाइथागोरसप्रमेय (pythagoras theorem) की खोज की। वहथेल्स (Thales) का सबसे प्रसिद्ध शिष्य (disciple) था।
    • पृष्ठ (surface) – ठोसकी परिसीमाएँ पृष्ठ कहलाती है।
    • वक्र (curve) – पृष्ठोंकी परिसीमाएँ वक्र या रेखाएँ (lines) होती हैं।
    • बिंदु (point) – रेखाओंके सिरोंको बिंदु कहते हैं।
    • ठोस (solid) की तीन विमाएँ (dimensions) होती हैं। एक पृष्ठ की दोविमाएँ और रेखा की एकविमा। इसीलिए ठोस को त्रिविमीय आकृतियाँ (3D Shapes) कहते हैं।

यूक्लिड की परिभाषाएँ:-

  • बिंदु (point) का कोई भाग नहीं होता है।
  • रेखा (line) वह लम्बाई है जिसकी कोई चौड़ाई नहीं होती है।
  • एक रेखा के सिरे बिंदु होतेहैं।
  • एक सीधी रेखा वह रेखा है जो स्वयंपर बिंदुओं के साथ सपाट रूपसे स्थित होती है।
  • पृष्ठ (surface) की केवल लम्बाई और चौड़ाई होती हैं।
  • पृष्ठके किनारे (edges) रेखाएँ होती हैं।
  • समतलपृष्ठ (plane surface) वह पृष्ठ होता है जो स्वयंपर सीधी रेखाओं के साथ सपाट रूपसे स्थित होता है।
  • अभिधारणाएँ (postulates) – यूक्लिडकी वेकल्पनाएँ जो विशिष्ट रूप से ज्यामिति (gemetry) से सम्बन्धित थी।
  • अभिगृहीत (anxioms) – यूक्लिडकी वेकल्पनाएँ जो गणित में लगातार प्रयोग होती रही और ये विशेष रूप से ज्यामिति से सम्बंधित नहीं थीं। इन्हें सामान्य अवधारणाएँ भी कहते हैं।

यूक्लिडके कुछ अभिगृहीत:-

  • वे वस्तुएँ जो किसी एक वस्तु के बराबर हों परस्परबरा बरहोतीहैं।
  • अगर बराबरों को बराबरों में जोड़ाजाए, तो पूर्ण (whole) भी बराबर होते हैं।
  • अगर बराबरों को बराबरों से घटाया जाए, तो शेषफल भी बराबर होते हैं।
  • संपाती वस्तुएँ परस्पर बराबर होती हैं।
  • पूर्ण अपने भाग से बड़ा होता है।
  • एक ही वस्तुओं के दो गुने आपस में बराबर होते हैं।
  • एक ही वस्तुओंके आधे आपस में बराबर होते हैं।

यूक्लिडकी कुछ अभिधारणाएँ:-

  • दो बिंदुओं को मिलाने पर एक सीधी रेखाखींची जा सकती है।
  • दो भिन्नबिंदुओं से होकर एक अद्वितीय (unique) रेखा खींचीजा सकती है।
  • एक सांतरेखा (terminated line) को अनिश्चित रूपसे बढ़ाया जा सकता है।
  • किसी बिंदुको केंद्रमानकर किसी त्रिज्यासे एक वृत्त खींचा जा सकता है।
  • सभी समकोण (right angles) बराबर होते हैं।
  • यदि एक सीधी रेखा दो सीधी रेखाओं पर इस प्रकार गिरे कि उसके एक ही ओरके दो अंतःकोणों (interior angles) का योग दो समकोण (180°) से कम हो, तो दोनों सीधी रेखाओं को अनिश्चित रूपसे बढ़ाए जाने पर वे उसी ओर मिलती हैं जिस ओर दो कोणोंका योग दो समकोणों से कम होता है।
  • इसके विपरीत यदि एक ही ओर के दो अंतःकोणोंका योग दो समकोणके बराबरहो तो वे रेखाएँ कभी नहीं मिलती अर्थात समांतर होती हैं।
  • प्रमेय – जिन कथनोंका प्रयोग करके विभिन्न परिणामों को सिद्ध किया जाता है, प्रमेय (theorems) या साध्य (propositions) कहलाते हैं।
  • दो अलग-अलग रेखाओं में एक बिंदु से अधिक उभय निष्ठबिंदु नहीं हो सकते यदि रेखाएँ संपाती नहो।
  • यूक्लिडकी पाँचवी अभिधारणा के दो समतुल्य (equal) रूपांतरण:-
  • प्रत्येकरेखा L और उस बिंदु P के लिए जो L परस्थित नहो, एक अद्वितीय रेखा M होती है जो P से होकर जाती है और L के समांतर (parallel) होती है।
  • दो भिन्न प्रतिच्छेदी रेखाएँ (intersecting lines) कभीभी एक ही रेखाके समांतर नहीं हो सकती।

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