CBSE Summary कक्षा-9 अध्याय-7 त्रिभुज Triangle (For CBSE, ICSE, IAS, NET, NRA 2022)

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त्रिभुज (Triangle)

  • तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं से बनी बन्द आकृति त्रिभुज कहलाती है।
  • प्रत्येक त्रिभुजमें तीन भुजाएँ, तीन कोण तथा तीन शीर्ष होते हैं।

सर्वांगसम आकृतियाँ

वे आकृतियाँ जिनके आकार और माप समान होते हैं। सर्वांगसम का अर्थ है ‘सारे अंग समा’

बराबरत्रिज्या/व्यासवालेवृत्त, बराबर भुजावाले वर्ग सर्वांगसम होते हैं।

  • दो त्रिभुजोंकी सर्वांग समता को सांकेतिक रूपमें प्रदर्शित करने के लिए उनके शीर्षोकी संगतता को उचित ढंग से लिखना अनिवार्य होता है।
  • सर्वांग समत्रिभुजों के संगत भाग समान होते हैं, इसे संक्षेप में CPCT (Congruent Parts of Congruent Triangles) लिखते हैं।
  • दो त्रिभुज केवल तभी सर्वांगसम हो सकते हैं, यदि निम्न स्थिति सत्या पित हो -
    • SAS सर्वांगसमता नियम – यदि दो त्रिभुजों की दो भुजाएँ और उनके अंतर्गत अंतरितकोण बराबर हो, तो दोनों त्रिभुज SAS सर्वांग समता नियम से सर्वांगसम होते हैं।
    • ASA सर्वांगसमता नियम – यदि दो त्रिभुजों के दो कोण और उनके अंतर्गत भुजा बराबर हो, तो दोनों त्रिभुज ASA सर्वांगसमता नियम से सर्वांगसम होते हैं।
    • SSS सर्वांगसमतानियम – यदि दो त्रिभुजों की तीनों भुजाएँ बराबर हो, तो दोनों त्रिभुज SSS सर्वांगसमता नियम से सर्वांगसम होते हैं।
    • AAS सर्वांगसमता नियम – यदि दो त्रिभुजोंके दो कोण और कोई एक संगतभुजा बराबर हो, तो दोनों त्रिभुज AAS सर्वांगसमता नियम से सर्वांगसम होते हैं।
    • RHS सर्वांगसम नियम – यदि दोसमकोण त्रिभुजोंके कर्ण और लंबया आधार बराबर हो, तो दोनों त्रिभुज RHS सर्वांगसमता नियम से सर्वांगसम होते हैं।

नोट: AAS सर्वांगसमता नियम लगभग RHS सर्वांगसमता नियमके समान ही है।

दो त्रिभुजोंकी सर्वांगसमता सिद्ध करनेके लिए दोनों त्रिभुजोंके तीन भाग बराबर होने चाहिए परन्तु तीनोंकोणों का बराबर होना पर्याप्त नहीं है। त्रिभुजोंकी सर्वांगसमता सिद्ध करनेके लिए तीन बराबर भागों में से कम से कम एक बराबर भाग भुजा होना चाहिए।

समद्विबाहुत्रिभुज –

जिस त्रिभुजकी दो भुजाएँ बराबर हों, समद्विबाहुत्रिभुज कहलाता है।

  • समद्वि बाहु त्रिभुज की समान भुजाओं के सम्मुखकोण बराबर होते हैं।
  • यदि किसी त्रिभुज के दो कोण बराबर हों, तो सम्मुख भुजाएँभी बराबर होंगी। यह एक समद्वि बाहु त्रिभुज होगा।
  • किसी भी बंद आकृति में सबसे बड़ी भुजाके सम्मुख सबसे बड़ा कोण होता है और छोटीके सम्मुख छोटा कोण होता है।
  • त्रिभुजके बड़े कोणके सम्मुख त्रिभुजकी बड़ी भुजा होती है।
  • त्रिभुजकी किन्ही दो भुजाओं का योग सदैव तीसरी भुजा से अधिक होता है।
  • समबाहुत्रिभुजका प्रत्येक कोण का होता है।

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